How to overcome shyness in Hindi

 


Shyness  सभी  के  अंदर  होता  है, किसी  मैं  ज्यादा  होता  है  तो  किसी मैं  कम।  जो  लोग  शर्मीले  होते  है  वे  लोगो  के  साथ  बात  तो   करना चाहते  है  लेकिन  किसी  डर  के  कारन  बात  नहीं  कर  पाते।  Shyness असल  मैं  एक  डर  होता  है  लोगो  का।  शाय  लोग  हमेशा   यही  सोचते है  की  कही  मेरा  कोई  मज़ाक  न  उङा  दे,  कही  मुझे  कोई   बेवक़ूफ़  ना समज  ले,  कही  मेरे  बारे  में  गलत  न  सोचे।


कोई  भी  डर  या  शर्मीलापन  के  साथ  पैदा  तो  नहीं  होता  फिर  ये  डर  आयी  कहा  से  आइये  इसे  समझते  है।  असल  मैं  हमारे  बचपन  या  अतीत  मैं  ऐसा  कुछ  घटनाये  होती  है  जिसके  वजा   से  हम  Shy  हो  जाते  है।  सब  का  अतीत  अलग  अलग  होता  है  इसीलिए  सब  का  आत्मविश्वास  भी  अलग  अलग  होता  है   किसी  का  ज्यादा  होता  है  तो  किसी  का  कम।  उदहारण  के  तोर  पर  जब  एक  छोटा  बच्चा  नया  नया  बोलना  सीखता  है  तो  वो  कुछ  शब्द   को  ठीक  से  उच्चारण  नहीं  कर  पाते  जैसे  की  'र'  को  'ल'  बोलते  है  इसी  कारन  जब  कुछ  लोग  उसपे   हसते  है  भले  ही  वो  मजाक  मैं  ही  क्यों  न  हो  लेकिन  उस   छोटे  बच्चे  का  दिमाग  उतना  विकसित  नहीं  होता  की  वो  उनका  इरादा  समज  पाए  वो  बस  ये  समज  लेता  है  की  मैं अगर  कुछ  बोलता  हु  तो  लोग  हसते  है, वो  मन  ही  मन  सोचता  है  क्या  मेने   कुछ  गलत  बोल  दिया, क्या  मुझमे  कोई  कमी  है?  और   ऐसे  ही  धीरे  धीरे  आत्मविश्वास  टूट  जाता  है।  अगर  कोई   बच्चा क्लास  मैं  टीचर  के  सामने  कुछ  गलत  बोल  देता  है  तो   क्लास  के  सारे  बच्चे  उसपे  हसने  लगते  है  इन्ही  चीज़ो  के  वजा  से  बच्चो  पे  नकारात्मक  प्रभाव  पढ़ता  है। ऐसे  ही  अलग  अलग  घटनाये  हम  सब  के  साथ  बचपन  मैं  होता  है  जब  हमारा  दिमाग  नादान  होता  है। बस  फरक  इतना  है  की  कोई  इन  चीज़ो  को  भूल  जाता  है  और  कोई  भुला  नहीं   पाता   और  उनके  दिमाग  मैं  वो  छप  जाता  है और  वो  धीरे  धीरे Shy होता  चला  जाता  है।  

हम   इस  आर्टिकल  'How to overcome shyness in hindi'   मैं  आपको  4  तरीका  बताएंगे  जिसको   अगर  आप  अच्छे  से  follow  करेंगे  तो   बहुत  हद  तक  आपका  shyness  कम  हो  जायेगा।   



1.Improve your self-image

ज्यादातर  लोग  इसीलिए  शरमाते  है  क्यों  की  वो  अपने  आप  को  दुसरो  से  कम  समझते  है। उनको  लगता  है  की  वो  दिखने  मैं  अच्छा  नहीं  है, या  फिर  मोटा  है  या  कुछ  ज्यादा  ही  पतला  है।किसी  से  बात  करने   से  पहले  वे   अपने  मन  मैं  उस  इंसान  के  प्रति  एक  छवि  बना लेते  है  अगर  उन्हें  लगता  है  की  वो  इंसान  उतना  खास   नहीं  है   तब तो  वो  अच्छे  से  बात  कर  लेते  है  लेकिन  जब  उनको  लगता  है  की  वो  इंसान  बहुत  ही  बेहतर  है  तब  वो  बात  नहीं  कर  पाते। 

अगर  आपको  भी  यही  समस्या  है  तो  इसे  ठीक  करने  का  एक  ही  तरीका  है  आप  अपने  self-image  को  सुधारे।  कभी  भी  अपने  आप  को  दुसरो  से  कमजोर  न  समजे। हमेशा  यही  सोचे  की  मैं  जैसा  भी  हु  बहुत  ही  अच्छा  हु। कोई  भी  इंसान perfect नहीं  होता  हर  इंसान  मैं  कुछ  न  कुछ  कमिया  जरूर  होती  है।  आप अपने  कमियों  को  छोड़  कर  आपके  पास  जो  अच्छाइयाँ  है  उनपर  ज्यादा  धयान  दे  इससे आपका  आत्मविश्वास  भी  बढ़ेगा  और  आपका  शर्मीलापन  धीरे  धीरे  ख़तम  हो  जयेगा। 



2. Stay away from Negative thoughts  


लोग  क्या  सोचेंगे? लोग  क्या  बोलेंगे? अगर  कोई  मुझपे  हसेगा  तो  क्या  होगा?  ज्यादातर  लोग  इन्ही  डर  के  कारन  बात  नहीं  कर  पाते। अगर  आपको  सच  मैं  शर्मीलापन  को  ख़तम  करना  है  तो  पहले  आपको  इन  नकारात्मक  सोच  को  आपने  दिमाग  से  हटाना  होगा। अगर  आप  अनजाने  मैं  कुछ  गलत  भी  बोल  देंगे  तो  ज्यादा  से  ज्यादा  क्या  हो  जयेगा  कुछ  लोग  हसेंगे  इससे  ज्यादा  तो  और  कुछ  नहीं  होगा  ना। लोग  तो  बड़े  बड़े  मंत्रियो  पे  भी  हस्ते  है  अगर  वो  आपने  भासन  में  कुछ  गलत  बोल  देते  ह   तो  उनका  भी  मज़ाक  उड़ाया  जाता  है  क्यों  की  लोगो  का  काम  ही  है  कहना  और  दुसरो  की  कमजोरियों  पे  हसना।   



3. come out of your comfort zone


अगर  आप   सच  मैं  शर्मीलेपन  को  ख़तम  करना  चाहते  है  तो  आपको  अपने comfort zone  से  बहार  निकलना  ही  होगा।  हम  किसी  भी  काम  को  आत्मविश्वास  के  साथ  तब  कर  सकते  है  जब  हमारे  पास  उस  काम  का  अनुभव  हो  और  अनुभव  होने  के  लिए  आपको  अभ्यास  करना  ही  पड़ेगा। अगर  आप  सोचते  रहेंगे  की  मैं   शर्मीला   इंसान   हु  मैं  लोगो  से   बात  नहीं  कर  पाउँगा  तो  आप  सच  में  कभी  भी  लोगो  के  साथ  खुल  के  बात  नहीं  कर  पायंगे  क्यों  की  ये  डर  आपके  मान  में  बैठ  जायेगा  इसीलिए  आप  आपने  कम्फर्ट जोन  से  बहार  आकर   ज्यादा  से  ज्यादा  दोस्त  बनाये  और  अनजान  लोगो  से  बात  करने  की  कोशिस  करे।  हो  सकता  है  शुरुआत  में  आपको   ये  काम  थोड़ा  मुश्किल  लगे  लेकिन  धीरे  धीरे  आपके  लिए  ये  आसान  होता  चला  जायेगा।

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